उड़ने वाले जानवर
Nupur Sharma Expose 02
(Rasool ke Burakh ghadi ka mazak manana )
Udne Wale Ghade 🦛 Udne Wala Ghoda 🐎 : Udne Wala Pahad ⛰️🗻
Bismillah Rahman Raheem 🤲
2) उसा मुरखा औरत ने दोसरा इल्ज़म ये लगा के मुहम्मद (अस) घड़े पर गए द आगर वो वाल्मीकि रामायण पैड लेटे तो सयाद ऐसी मुर्खा जैसी बात नहीं कार्ति 👇
वाल्मीकि रामायण में उड़ने वाले घोड़े उड़ने वाले घोडे उड़ने वाला पहाड़
उड़ने वाले घोडे 🦛🦛
( Walmiki Ramayan Arniyakhad Chapter 49 Shalok 16 se 23 tak )
अभिगम्य सुदुष्टात्मा राक्षसः काममोहितः
जग्राह रावणः सीतां बुधः खे रोहिणीमिव ॥ १६ ॥
स च मायामयो दिव्यः खरयुक्तः खरस्वनः ।
प्रत्यदृश्यत हेमाङ्गो रावणस्य महारथः ॥ १९ ॥
तामकामां स कामार्तः पन्नगेन्द्रवधूमिव ।
विवेष्टमानामादाय उत्पपाताथ रावणः ॥ २२
ततः सा राक्षसेन्द्रेण ह्रियमाणा विहायसा ।
भृशं चुक्रोश मत्तेव भ्रान्तचित्ता यथातुरा ॥ २३ ॥
Shalok.16) जब रावन ने सीता को पक्का लिया और अपने विमान में बेथा दिया
shalok 19) उस्सा विमान में घाडे बंदे हुए थे
Shalok 22) रावण का विमान आकाश में उठा गया
Shalok 23) रावण ने जब सीता को हरकर आकाश मरखा से ले जाने लगा
Note:- कुछ लोग कहे गे के वो घाडे बस शोपीस द रियल नहीं इंको जवाब Wo Ghade Zinde the koi Tasvir Yaa Murti nhi the💯
(Walmiki Ramayan Arniyakhad Chapter 51 Shalok 15
काञ्चनोरश्छदान् दिव्यान् पिशाचवदनान् खरान् ।
तांश्चास्य जवसम्पन्नाञ्जघान समरे बली ॥ १५ ॥
( Shalok ¹⁵) उसके बाद, पराक्रमी नायक ने युद्ध के मैदान में एक पिशाच की तरह मुंह से तेज गधे को मार डाला, जिसके सीने पर सोने की ढाल थी। 15
Is Shalok se humko Pata Lagta hai ke Wo Ghade Zinde the na ke Tasveer yaa Murti
Note:- उससे विमान की गति कितनी थी
(Sondarkand Chapter 8 Shalok 2)
तदप्रमेयप्रतिकारकृत्रिमं
कृतं स्वयं साध्विति विश्वकर्मणा ।
दिवं गतं वायुपथप्रतिष्ठितं
व्यराजतादित्यपथस्य लक्ष्म तत् ॥ २ ॥
Shalok 2) हनुमान कहते हैं विमान के बनवत को कोई बता नही सकता है जब वो आकाश में उठा था है हावे से भी ज़दा तेज़ उठता है
Note:-ये पोस्पाक विमान में मरियादा पोरस राम भी बेथा और अपने घर ऐ थे और उससे विमान की गति कितनी थी
( Walmiki Ramayan Youdkhand Chapter 121 Shalok 7 se 10 tak )
एतत् पश्य यथा क्षिप्रं प्रतिगच्छामि तां पुरीम् ।
अयोध्यां गच्छतो ह्येष पन्थाः परमदुर्गमः ॥ ७ ॥
एवमुक्तस्तु काकुत्स्थं प्रत्युवाच विभीषणः ।
अह्ना त्वां प्रापयिष्यामि तां पुरीं पार्थिवात्मज ॥ ८
पुष्पकं नाम भद्रं ते विमानं सूर्यसन्निभम् ।
मम भ्रातुः कुबेरस्य रावणेन बलीयसा ॥ ९ ॥
Shalok 07) राम जी विभीषण से कहते हैं तुम इस बात पर दियां दो के हम किस तरह जल्दी से जल्दी अयोध्या लोट शेक क्यू के वहा तक पैडल शफर के लिए यहा से बोहोत दूर है
Shalok 08) राम जी के ऐसे कहने पर विभीषण ने राम जी से कहा राजकुमार आप इस बात पर परसन मत हुई में एक ही दीनो में अपने घर पुचा दुगा
Shalok 09) मेरे पास मेरे बड़े भाई कुबेर का सूरज की तरह चमकने वाला पोस्पाक विमान मौजुद है जिससे महाबली रावन ने कुबेर को जंग में हरा कर चिन लिया था राम ये विमान मैं आपके लिए छोड दिया था
Ab Ye Nupur Sharma Kia keh gi Udne Wale Ghade aur Ram Ji bhi is par Bethe aur ghar aye 🤧
उड़ने वाले घोडे 💯 🦄🦄🦄
( Walmiki Ramayan Arniyakhad Chapter 5 Shalok 07 aur 24)
तद्विधैरेव बहुभिः पूज्यमानं महात्मभिः ।
हरितैर्वाजिभिर्युक्तमन्तरिक्षगतं रथम् ॥ ७ ॥
ददर्शादूरतस्तस्य तरुणादित्यसंनिभम् ।
( Shalok 07) इंद्र देव का रथ आकाश में खड़ा था, और उसके पास हरे घोड़े थे। श्रीराम ने रथ को पास से देखा। उगते सूरज की तरह चमक रहा था।
अथ वज्री तमामन्त्र्य मानयित्वा च तापसम् ।
रथेन हययुक्तेन ययौ दिवमरिंदमः ॥ २४ ॥
(Shalok 24) इंद्रदेव ने वो घोडे जांदे हो ये रेट के साथ जन्नत में चले गए
Udne Wala Ghoda Ab kia boli gi 🤧
उड़ने वाला पहाड़ी 👇⛰️⛰️⛰️
( Walmiki Ramayan Sondarkand Chapter 01 Shalok 122.123.124)
पूर्वं कृतयुगे तात पर्वताः पक्षिणोऽभवन् ।
ते हि जग्मुर्दिशः सर्वा गरुडा इव वेगिनः ॥ १२२॥
ततस्तेषु प्रयातेषु देवसङ्घाः सहर्षिभिः ।
भूतानि च भयं जग्मुः तेषां पतनशङ्कया ॥ १२३॥
ततः क्रुद्धः सहस्राक्षः पर्वतानां शतक्रतुः ।
पक्षांश्चिच्छेद वज्रेण ततः शतसहस्रशः ॥ १२४॥
(Shalok 122) हे तात! प्राचीन काल में पहाड़ों के पंख होते थे और वे तेज बाज की तरह सभी दिशाओं में उड़ते थे।
( Shalok 123) उनके तेज उड़ने और इस तरह से आने-जाने के कारण देवताओं, ऋषियों और सभी जानवरों को उनके गिरने का संदेह हुआ और वे डर गए।
( Shalok 124) इससे सहस्रनारायण इंद्र क्रोधित हो गए और उन्होंने वज्र योग की सहायता से लाखों पर्वतीय पंखों को तोड़ दिया।
Pahad bhi Udte the aur Unke bhi pnakh the Ab Kia keh gi Nupur Sharma 😅
( Inna lillahi wa Inna ilayhi raji'un)
Wajld_Aftab ✓✓
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