Shiv Ling Haqeeqat me Shiv ji ka ling ( private part) hai Main Do prees ki kitab ka screen shot de raha hun ap khud pad le ( book reference ke sath ) Geeta press Gorakhpur ka bhi reference of Tarjuma hai - (शिव ० कोटिरुद्रसंहिता ४ अध्याय १२ शलोक 06 से 48) - भाषार्थ- दारु नाम का एक वन था , वहाँ पर सत्पुरुष लोग रहते थे , जो शिव के भक्त थे तथा नित्यप्रति शिव का ध्यान किया करते थे ॥ ६ ॥ वे कभी लकड़ियाँ चुनने के लिए वन को गये । वे सब के सब श्रेष्ठ ब्राह्मण शिव के भक्त , तथा शिव का ध्यान करनेवाले थे ॥ ८॥ इतने - में साक्षात् महादेवजी विकट रूप धारण कर उनकी परीक्षा के निमित्त आ पहुँचे ॥ ९ ॥ नंगे , अति तेजस्वी , विभूतिभूषण से शोभायमान , कामियों के समान दुष्ट चेष्टा करते हुए , हाथ में लिंग धारण करके ॥ १० ॥ मन से उन वनवासियों का भला करने के लिए भक्तों पर प्रसन्न होकर शिवजी स्वयं प्रीति से उस वन में गये ॥ ११ ॥ उसको देखकर ऋषियों की पत्रियाँ अत्यन्त भयभीत हो गई , व्याकुल तथा हैरान हुई , कई वापस आ गईं ॥ १२॥ कई आलिंगन करने लगीं , कई ने हाथ में धारण कर लिया तथा परस्पर के संघर्ष मे...
Nupur Sharma Expose 02 (Rasool ke Burakh ghadi ka mazak manana ) Udne Wale Ghade 🦛 Udne Wala Ghoda 🐎 : Udne Wala Pahad ⛰️🗻 Bismillah Rahman Raheem 🤲 2) उसा मुरखा औरत ने दोसरा इल्ज़म ये लगा के मुहम्मद (अस) घड़े पर गए द आगर वो वाल्मीकि रामायण पैड लेटे तो सयाद ऐसी मुर्खा जैसी बात नहीं कार्ति 👇 वाल्मीकि रामायण में उड़ने वाले घोड़े उड़ने वाले घोडे उड़ने वाला पहाड़ उड़ने वाले घोडे 🦛🦛 ( Walmiki Ramayan Arniyakhad Chapter 49 Shalok 16 se 23 tak ) अभिगम्य सुदुष्टात्मा राक्षसः काममोहितः जग्राह रावणः सीतां बुधः खे रोहिणीमिव ॥ १६ ॥ स च मायामयो दिव्यः खरयुक्तः खरस्वनः । प्रत्यदृश्यत हेमाङ्गो रावणस्य महारथः ॥ १९ ॥ तामकामां स कामार्तः पन्नगेन्द्रवधूमिव । विवेष्टमानामादाय उत्पपाताथ रावणः ॥ २२ ततः सा राक्षसेन्द्रेण ह्रियमाणा विहायसा । भृशं चुक्रोश मत्तेव भ्रान्तचित्ता यथातुरा ॥ २३ ॥ Shalok.16) जब रावन ने सीता को पक्का लिया और अपने विमान में बेथा दिया shalok 19) उस्सा विमान में घाडे बंदे हुए थे Shalok 22) रावण का विमान आकाश में उठा गया Shalok 23) रावण ने जब सी...
ओ३म् naam ishwar ka hai Maulana Madni Sahb part 1 Bismillah Rahman ya Rahman Hum 3 Topic part 2 aur part 3 me Laye gay nhi to Ye Tehqeeq bohot lamba hu jaye ga Arya samaj Dayanand Saraswati kehte hai (ओ३म् ,Om ) Jiska Naam hai (Yani ishawar ka) Jo Kabhi Khatam Nhi huta (Yani Ussko kabhi Mout nhi ane wali) usi ki ibadat Karne ke layak hai Kiss Doosre ki nhi ओमित्येतदक्षरमुद्गीथमुपासीत । ओमिति ह्युद्गायति तस्योपव्याख्यानम् ॥१.१.१॥ Sawami Ji ne Ye chhandoke Upanishad 1.1.1 ke Hawale se kaha hai ke ishwar ke naam me se Naam ओ३म् Om hai Vedo me bhi ishwar ke bohot Share naam Aaye hai magar Ye Naam ki kuch Zada hi Fazilat hai yehi parman (saboot) milte hai Yajurveda Chapter 40 shlok 17 me hai हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यापिहितं मुखम् । यो सावादित्ये पुरुषः सो सावहम् । ओ३म्खं ब्रह्म ॥१७॥ हे मनुष्यो ! जिस (हिरण्मयेन) ज्योतिःस्वरूप (पात्रेण) रक्षक मुझसे (सत्यस्य) अविनाशी यथार्थ कारण के (अपिहितम्) आच्छादित (मुखम्) मुख के तुल्य उत्तम अङ्ग का प्रकाश किया जाता (यः) जो (असौ) वह (आदित्य...
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